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12 तारीख से 4 महीने के लिए मांगलिक कार्यों पर लग जाएगा ब्रेक, इन चीजों का भी करना पड़ेगा त्याग

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हिंदू धर्म में कोई भी अच्छा व नया काम शुभ मुहूर्त व समय देखकर किया जाता है। ऐसे में दिन व तिथि की पल पल की जानकारी होना बेहद ही आवश्यक है। दरअसल ये भी बता दें कि अब बेहद जल्द ही आषाढ़ माह खत्म होने वाला है। इसके तुरंत बाद सावन जैसे शुभ माह की शुरूआत हो जाएगी। यह माह भगवान शिव का महीना होता है इसलिए सभी भक्त अपने तन मन से भगवान शिव की भक्ति में पूरी तरह से लीन हो जाते हैं।

लेकिन अगर बात करें शुभ कार्यों के समय की तो करीब 12 जुलाई से अगले चार माह तक शादी विवाह जैसे शुभ कार्यों को करने की मनाही हो जाएगी। इतना ही नहीं आपको बता दें कि इन 4 माह के दौरान मांगलिक कार्यों के साथ साथ अन्य कई चीजों का भी त्याग करना पड़ेगा। ऐसा करने से आपके घर में सुख समृद्धि का वास होगा। तो आइए जानते हैं कि आखिर कौन सी हैं वो चीजें

अगर बात करें आषाढ़ माह की तो माना जाता है कि इस माह के शुक्ल पक्ष के एकादशी से भगवान विष्णु क्षीरसागर में शयन के लिए चले जाएंगे। लेकिन वहीं इसके साथ ही साथ इसके बाद से 4 माह तक बाकी के सभी शुभ कार्यों को करने की मनाही हो जाती है। बताते चलें कि हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु के शयन पर जाने के बाद भगवान शिव ही पूरे संसार का देखभाल करते हैं ऐसे में चार महीने तक सनातन धर्मी व्रत, उपवास और विविध उपायों से भगवान विष्णु की सेवा करते हैं।

ज्योतिषियों व पंडितों का कहना है कि पद्म एकादशी के दिन उपवास करके सोना, चांदी, तांबा या पीतल की मूर्ति बनवाकर श्रद्धा पूर्वक पूजन करने से सभी दुखों का अंत होगा। वहीं इस दिन हर व्यक्ति को पीतांबर से सजाकर सफेद चादर से ढंके हुए गद्दे तकीये वाले पलंग पर प्रभु को शयन कराना चाहिए। इतना ही नहीं चार महीनों के लिए अपनी रुचि के अनुसार नित्य व्यवहार के चीजों का सेवन करें, जैसे कि मधुर वाणी के लिए गुड़ का, दीर्घायु अथवा पुत्र-पौत्रादि की प्राप्ति के लिए तेल का, शत्रु नाशादि के लिए सरसों के तेल का, सौभाग्य के लिए मीठे तेल का, स्वर्ग प्राप्ति के लिए पुष्पादि भोग का त्याग करें।

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